तनुभाव
Tanu bhāva
बोलचाल की हिन्दी: तनु भाव (प्रथम भाव)
प्रथम भाव: शरीर, स्वयं और व्यक्तित्व; लग्न का भाव।
परिभाषा
लग्न से गिना जाने वाला प्रथम भाव ‘तनु’ अर्थात् शरीर कहलाता है। बृहत् पराशर होरा शास्त्र (BPHS) इसे शरीर, वर्ण, स्वभाव और व्यक्ति की सामान्य स्थिति से जोड़ता है तथा इसे केंद्र और त्रिकोण दोनों मानता है। इसका नैसर्गिक कारक सूर्य है।
