अष्टकवर्ग
Aṣṭakavarga
आठ स्रोतों से प्रत्येक राशि को अंक देने वाली पद्धति।
परिभाषा
अष्टकवर्ग आठ स्रोतों, अर्थात् सात ग्रहों और लग्न, से प्रत्येक राशि को शुभ अंक (बिंदु) देता है। प्रत्येक ग्रह की अपनी तालिका उसका भिन्नाष्टकवर्ग है, और सातों का योग सर्वाष्टकवर्ग कहलाता है, जिसका कुल सदैव 337 होता है। बृहत् पराशर होरा शास्त्र और बृहज्जातक अध्याय 9 इसका वर्णन करते हैं, और इसका मुख्य प्रयोग प्रत्येक राशि में गोचर के विवेचन को परिष्कृत करने में होता है।
इस शब्द का प्रयोग करने वाले लेख
- सिद्धांतव्याख्या
गोचर की व्याख्या: राशि-परिवर्तन, वक्री गति और अस्त
गोचर-कैलेंडर वास्तव में क्या दर्ज करता है, कोई ग्रह पीछे चलता क्यों दिखता है, और शास्त्रीय ग्रंथ तथा आधुनिक खगोल एक ही गति का वर्णन कैसे करते हैं।
8 मिनट का पाठ · 29 सितंबर 2026
