शनि
Śani
शनि: काल, अनुशासन, श्रम, विलंब और आयु।
परिभाषा
शनि बृहत् पराशर होरा शास्त्र में ग्रहों का सेवक है और दृश्य ग्रहों में सबसे धीमी गति वाला है, जो एक राशि पार करने में लगभग ढाई वर्ष लेता है। यह मकर और कुंभ का स्वामी है, तुला में उच्च और मेष में नीच होता है, तथा अपने से तृतीय और दशम भाव पर विशेष दृष्टि डालता है। जन्म-चंद्र पर इसके गोचर से साढ़ेसाती बनती है, और विंशोत्तरी में इसकी दशा उन्नीस वर्ष की होती है।
इस शब्द का प्रयोग करने वाले लेख
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