चौघड़िया
Caughaḍiyā
लोक पंचांगों में प्रयुक्त दिन और रात के आठ-आठ विभाग।
परिभाषा
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात्रि दोनों को लगभग नब्बे मिनट, यानी लगभग चार घड़ी, के आठ समान भागों में बाँटता है, इसी से इसका नाम है। प्रत्येक भाग को वार के अनुसार बदलने वाले क्रम में अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग नाम दिया जाता है। यह शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथों की विशेषता न होकर लोक पंचांगों की युक्ति है, जो विशेषकर पश्चिम भारत में प्रचलित है।
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