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पंचांग

राहुकाल

Rāhu kāla

दिनमान का आठवाँ भाग, जो वार के अनुसार राहु को दिया गया है।

परिभाषा

राहुकाल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान के आठ समान भागों में से एक, लगभग नब्बे मिनट, है जो राहु को दिया गया है। इसकी स्थिति वार पर निर्भर है: सोमवार को दूसरा भाग, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ। यह विशेषकर दक्षिण भारत में प्रचलित लोक पंचांग परंपरा है, जहाँ पंचांग इसे नए कार्यों के आरंभ के लिए न चुने जाने वाले समय के रूप में अंकित करते हैं।

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