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School of Vedic Sciences, FORE
ज्योतिष · होरा

दुःस्थान

Duḥsthāna

बोलचाल की हिन्दी: दुःस्थान (त्रिक भाव)

कठिन भाव 6, 8 और 12, जिन्हें त्रिक भी कहते हैं।

परिभाषा

दुःस्थान (‘कठिन स्थान’) षष्ठ, अष्टम और द्वादश भाव हैं, जिन्हें सम्मिलित रूप से त्रिक कहते हैं। ग्रंथों के अनुसार इनके स्वामी जिन भावों से जुड़ते हैं उन्हें दुर्बल करने की प्रवृत्ति रखते हैं, किंतु जब ये स्वामी स्वयं दुःस्थानों में हों तो विपरीत राजयोग (हर्ष, सरल, विमल) बनते हैं। विद्यालय के कार्यक्रम का भाव संबंधी मॉड्यूल इस वर्ग का अध्ययन केंद्रों के साथ करता है।

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