अरिभाव
Ari bhāva (Ripu, Śatru bhāva)
बोलचाल की हिन्दी: शत्रु भाव (षष्ठ भाव)
षष्ठ भाव: शत्रु, ऋण, रोग, सेवा और दैनिक कार्य।
परिभाषा
षष्ठ भाव ‘अरि’, ‘रिपु’ या ‘शत्रु’ कहलाता है, जिनका अर्थ है शत्रु; इसे रोग भाव भी कहते हैं। बृहत् पराशर होरा शास्त्र इसके कारकत्वों में विरोधी, ऋण, रोग, विवाद, मातुल पक्ष और सेवा को गिनाता है। यह दुःस्थान होने के साथ उपचय भाव भी है, इसलिए ग्रंथ यहाँ स्थित पाप और शुभ ग्रहों का भिन्न-भिन्न विवेचन करते हैं।
