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School of Vedic Sciences, FORE
ज्योतिष · होरा

पितृदोष

Pitṛ doṣa

बोलचाल की हिन्दी: पितृ दोष

सूर्य या नवम भाव की पीड़ा, जिसे पूर्वजों से जोड़ा जाता है।

परिभाषा

पितृ दोष एक ऐसा ग्रह-योग है जिसे परवर्ती परंपरा पिता और पूर्वज-परंपरा से जोड़कर पढ़ती है; सामान्यतः इसमें सूर्य का राहु या केतु के साथ होना, अथवा नवम भाव में शनि या राहु का होना गिना जाता है। नवम भाव को पिता का स्थान (पितृ-स्थान) मानना बृहत् पराशर होरा शास्त्र से आता है, किंतु इस नाम का दोष और इसकी शर्तें परवर्ती परंपरा की हैं और लेखकों में भिन्न हैं। अधिकांश विवरण ऐसी शर्तें भी बताते हैं, जैसे सूर्य या नवम भाव पर गुरु की दृष्टि, जिनमें इसे नहीं गिना जाता।