दोष
Doṣa
दोष: ज्योतिष में पीड़ाकारी योग, आयुर्वेद में शरीर का मूल तत्व।
परिभाषा
दोष का अर्थ है ‘त्रुटि’ या ‘विकार’। ज्योतिष में यह ऐसे ग्रह-योग का नाम है जिसे ग्रंथ या परवर्ती परंपरा पीड़ाकारी बताती है, जैसे मंगल दोष या कालसर्प दोष; इनमें से अनेक शास्त्रीय होरा ग्रंथों में नहीं मिलते, और प्रत्येक की अपनी निरसन-शर्तें होती हैं। आयुर्वेद में तीन दोष, वात, पित्त और कफ, शरीर के कार्यात्मक तत्व हैं जिनका संतुलन प्रकृति को परिभाषित करता है।
