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School of Vedic Sciences, FORE
ज्योतिष · होरा

उपचय

Upacaya

वृद्धि के भाव: 3, 6, 10 और 11।

परिभाषा

उपचय का अर्थ है ‘वृद्धि’; उपचय भाव तृतीय, षष्ठ, दशम और एकादश हैं। ग्रंथों के अनुसार यहाँ स्थित ग्रह, विशेषकर नैसर्गिक पाप ग्रह, समय के साथ प्रभाव में बढ़ते हैं, और गोचर-विचार में चंद्रमा से इनमें से कई भाव अनुकूल गिने जाते हैं। वसुमती योग की परिभाषा इन्हीं भावों में शुभ ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।