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“nakshatra” के लिए 30 परिणाम
शब्दकोश
18- Nakṣatraनक्षत्रचांद्र नक्षत्र: 13°20′ के 27 विभागों में से एक।पंचांग
- Vimśottarī daśāविंशोत्तरी दशानौ ग्रहों का 120 वर्षीय, नक्षत्र-आधारित दशा-चक्र।ज्योतिष · होरा
- Nāḍī kūṭaनाडीकूटअष्टम कूट (8 अंक): नक्षत्रों की आदि, मध्य और अंत्य नाड़ी।ज्योतिष · होरा
- Nirayanaनिरयननिरयन राशिचक्र, जो तारों से स्थिर है; ज्योतिष का आधार।सिद्धांत
- Pāda (Caraṇa)पादनक्षत्र का चौथाई भाग, 3°20′, जिसका अपना नामाक्षर होता है।पंचांग
- Tārā kūṭaताराकूटतृतीय कूट (3 अंक): नौ के चक्रों में गिनी गई नक्षत्र-दूरी।ज्योतिष · होरा
- Yoginī daśāयोगिनी दशाआठ योगिनियों का 36 वर्षीय दशा-चक्र।ज्योतिष · होरा
- Yoni kūṭaयोनिकूटचतुर्थ कूट (4 अंक): नक्षत्रों को दिए गए पशु-प्रतीक।ज्योतिष · होरा
- Abhijitअभिजित्मध्याह्न का मुहूर्त, और मुहूर्त ग्रंथों में अट्ठाईसवाँ नक्षत्र।पंचांग
- Aṣṭakūṭaअष्टकूटदो जन्म-कुंडलियों की तुलना की आठ-कूट, 36-अंक पद्धति।ज्योतिष · होरा
- Candraचन्द्रचंद्रमा: मन, माता, भावना और पोषण।ज्योतिष · होरा
- Gaṇa kūṭaगणकूटषष्ठ कूट (6 अंक): देव, मनुष्य और राक्षस स्वभाव।ज्योतिष · होरा
- Māsaमासमास: चांद्र (अमांत या पूर्णिमांत) अथवा सौर।पंचांग
- Muhūrtaमुहूर्त48 मिनट की समय-इकाई; शुभ समय चुनने की विद्या भी।पंचांग
- Navāṃśaनवांशनवम विभाग कुंडली (D9), प्रत्येक राशि नौ भागों में।ज्योतिष · होरा
- Pañcakaपञ्चकअंतिम पाँच नक्षत्रों, धनिष्ठा से रेवती, में चंद्रमा का गोचर।पंचांग
- Pūrṇimāपूर्णिमापूर्णिमा: शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि।पंचांग
- Vṛścikaवृश्चिकवृश्चिक: अष्टम राशि, जल तत्व, स्थिर स्वभाव, स्वामी मंगल।ज्योतिष · होरा
लेख
10- पंचांग कैसे पढ़ेंभारतीय तिथि-पत्र के पाँच अंग, प्रत्येक क्या मापता है, और छपे हुए पृष्ठ को कैसे समझें।पंचांग
- 27 नक्षत्र: राशिचक्र से पुराना आकाश-मानचित्रबारह राशियों के भारत आने से पहले वैदिक आकाश चन्द्रमा के रात्रि-पड़ावों से पढ़ा जाता था। वे क्या हैं और आज कैसे प्रयोग होते हैं।पंचांग
- निरयन और सायन: अयनांश क्या है, और लाहिरी क्योंदो राशिचक्र, एक आकाश। पृथ्वी की धुरी का धीमा डगमगाना उन्हें कैसे अलग करता है, और भारत ने 1950 के दशक में मानक कैसे चुना।सिद्धांत
- विंशोत्तरी दशा: काल का विभाजननौ अवधियों का 120 वर्ष का चक्र, जन्म के समय चन्द्र-नक्षत्र से आरंभ। यह पद्धति कैसे बनी है और इसका गणित कैसे पढ़ें।ज्योतिष · होरा
- मुहूर्त: समय का चयन, कल्प की रीति सेकल्पसूत्रों से मुहूर्तचिन्तामणि तक: परंपरा उपयुक्त क्षण में कर्म करने के बारे में कैसे सोचती है।पंचांग
- वर्ष में दो बार नवरात्रि: चैत्र और शारदीयवर्ष के वसंत और शरद मोड़ पर देवी के दो नौ-रात्रि पर्व, और वे नियम जिनसे पंचांग उनके पहले और अंतिम दिन तय करते हैं।पंचांग
- अमान्त और पूर्णिमान्त: हिंदू कैलेंडर की दो मास-पद्धतियाँचान्द्र मास कहाँ समाप्त होता है, यह तय करने के दो ढंग, एक ही पर्व को दो मास-नाम क्यों मिलते हैं, और कौन-सा क्षेत्र कौन-सी पद्धति अपनाता है।पंचांग
- नामाक्षर: नक्षत्र-पदों के अक्षर108 अक्षरों की एक सारणी बच्चों के नामकरण में कैसे प्रयुक्त होने लगी, गृह्यसूत्र नामों के बारे में क्या कहते हैं, और क्या नहीं कहते।पंचांग
- ग्रह 'प्लैनेट' नहीं हैं: नौ 'ग्रहण करने वाले'ज्योतिष सूर्य, चन्द्र और दो अदृश्य बिंदुओं को नौ ग्रहों में क्यों गिनता है, और इस शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है।ज्योतिष · होरा
- वैदिक विद्याएँ क्या हैं, और वे आपस में कैसे जुड़ी हैंभारत की शास्त्रीय ज्ञान-परंपराओं का मानचित्र: वेदों से छह वेदांगों और उपवेदों तक, और उनमें ज्योतिष का स्थान।वेद
